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जम्‍मू-कश्मीर में स्थानीय चुनाव से पहले राजनेताओं पर आतंकी हमले की पाकिस्तानी साजिश बेनकाब

श्रीनगर. जम्मू-कश्मीर (Jammu Kashmir) के नगरोटा में 19 नवंबर को भारतीय सुरक्षा बलों ने मुस्तैदी दिखाते हुए एक बड़े आतंकवादी हमले की साजिश को नाकाम किया था. घटनास्‍थल पर मिले हथियारों, दस्तावेजों और सबूतों से साफ संकेत मिला है कि हमलावर पाकिस्तान के आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के सदस्य थे. इस आतंकी साजिश के पीछे पाकिस्तान का हाथ होने के पुख्ता सबूत भारतीय जांच एजेंसियों के हाथ लगे है.

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नगरोटा आतंकी साजिश के पीछे पाकिस्तानी ISI का हाथ
दुनिया में यह किसी से छुपा नहीं है कि पाकिस्तान आतंकवादियों का ना सिर्फ पनाहगार है बल्कि इन आतंकियों को भारत के खिलाफ इस्तेमाल भी करता है. नगरोटा आतंकी साजिश के खुलासे ने एक बार फिर पाकिस्तान और उसकी खुफिया एजेंसी आईएसआई को दुनिया के सामने बेनकाब कर दिया है. सूत्रों के मुताबिक, नगरोटा में पुलवामा जैसा विस्फोटक पाया गया. यानी साफ संकेत है कि आतंकियों का पुलवामा जैसी घटना को दोहराने का नापाक मंसूबा था. भारतीय सुरक्षा बलों और जांच एजेंसियों को मिले सबूत से खुलासा हुआ है कि इस नापाक साजिश के पीछे सीधे तौर पर आईएसआई का हाथ था. सबूतों से साफ पता चलता है कि डीडीसी चुनाव से पहले आतंकी कश्मीर के राजनेताओं पर हमला करने की योजना बना रहे थे.

नगरोटा आतंकी साजिश के पीछे की ये है पूरी कहानी
नगरोटा आतंकी साजिश के खुलासे में अहम जानकारी ये है कि जैश के आतंकियों की बैठक बहावलपुर में हुई थी. बैठक में अब्दुल रऊफ, अबु जुंदाल और असगर खान खुद शामिल हुए थे. जैश की बनाई रणनीति के तहत रात के अंधेरे में घुसपैठ कराई गई थी. मौके ए वारदात से बरामद एक एके-47 पर JeM जैश ए मोहम्मद लिखा हुआ है. पूरी दुनिया जानती है कि जैश ए मोहम्मद पाकिस्तान स्थित एक इस्लामी उग्रवादी संगठन है. यही नहीं नगरोटा से सुरक्षा बलों को पाकिस्तान का मोबाइल फोन, जीपीएस, वायरलेस और दवाईयां भी बरामद हुई हैं. इसके अलावा जख्मी होने के बावजूद आतंकी लगातार लड़ाई जारी रख सके इसकी तैयारी से जुड़ी अन्य सामग्रियां भी बरामद किए गए हैं. सुरक्षा बलों ने सीमा के करीब पिक अप प्वाइंट वाला नक्शा भी बरामद करने में सफलता पाई है.



भारत ने पाकिस्तानी उच्चायुक्त के सामने दर्ज कराया सख्त विरोध

नगरोटा आतंकी साजिश का खुलासा होने के बाद केंद्र सरकार ने भारत में पाकिस्तान के कार्यवाहक उच्चायुक्त को तलब कर सख्त विरोध दर्ज कराया है. भारत ने पाकिस्तान आधारित जैश ए मोहम्मद की तरफ से लगातार आतंकवादी घटनाओं पर गहरी चिंता जाहिर की है. भारत सरकार ने साफ शब्दों में पाकिस्तान से मांग की है कि वे आतंकवाद को समर्थन देना बंद करें. भारत सरकार ने पाकिस्तान को स्पष्ट संदेश दिया है कि वह अपनी जमीन का इस्तेमाल भारत के खिलाफ आतंकवाद के लिए ना करने दे. विदेश मंत्रालय ने कहा कि आतंकवाद के खिलाफ भारत अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा की रक्षा के लिए जरूरी कदम उठाने के लिए प्रतिबद्ध है. विदेश मंत्रालय ने यह भी कहा है कि जम्मू-कश्मीर में शांति और सुरक्षा को भंग करने के लिए बड़े हमले की योजना बनाई जा रही थी. पिछले एक सप्ताह में भारत सरकार ने दो बार पाकिस्तानी उच्चायुक्त को तलब किया है. दीपावली से एक दिन पहले पाकिस्तान की तरफ से सीजफायर का उल्लंघन करने के मामले पर भी राजनयिक को तलब किया गया था.

जी-20 में भारत उठायेगा आतंक का मुद्दा
भारत के शेरपा सुरेश प्रभु ने न्यूज18 को एक्सक्लूसिव जानकारी दी है कि जी-20 की बैठक में भारत आतंकवाद का मुद्दा उठायेगा. उन्होंने कहा कि उन सभी मुद्दों का जिक्र किया जायेगा जिससे लोकतंत्र और निर्दोष जनता के जान-माल को खतरा हैं. सुरेश प्रभु ने कहा कि आतंकवाद से पूरी दुनियां प्रभावित है और इससे समाज और अर्थव्यवस्था को अस्थिर होने का खतरा है. लिहाजा मानवता की रक्षा के लिए आतंकवाद और आतंकियों से एकजुट होकर करारा जवाब देना होगा.

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